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महिलाओं के शरीर में हॉर्मोन्स के बदलाव होते हैं ज्यादा

महिलाओं के शरीर में हॉर्मोन्स के बदलाव होते हैं ज्यादा
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-ये सात संकेत मिले तो समझ जाए गडबडी के बारे में

लंदन: पुरुषों की तुलना में महिलाओं के शरीर में हॉर्मोन्स से जुड़े बदलाव बहुत ज्यादा होते हैं। शरीर में सबसे ज्यादा जिन हॉर्मोन्स का स्तर घटता-बढ़ता रहता है वह है- ऐस्ट्रोजेन, प्रोजेस्टेरॉन और सेक्स हॉर्मोन टेस्टोस्टेरॉन। इसके अलावा मेटाबॉलिज्म हॉर्मोन थायरॉइड, एनर्जी हॉर्मोन ऐड्रनलीन, स्ट्रेस हॉर्मोन कॉर्टिसोल और स्लीप हॉर्मोन मेलाटोनिन की भी अक्सर शरीर में गड़बड़ी रहती है जिसका असर शरीर पर दिखता है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं उन 7 संकेतों के बारे में जो अगर आपके शरीर में नजर आएं तो समझ जाएं कि शरीर में हॉर्मोन्स की गड़बड़ी हो रही है और आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. अगर आपका वजन अचानक ऊपर-नीचे होने लगे यानी बहुत ज्यादा बढ़ने या फिर घटने लगे तो समझ जाइए कि आपके शरीर में हॉर्मोन से जुड़े बदलाव हो रहे हैं। शरीर में मौजूद थायरॉइड ग्लैंड मेटाबॉलिज्म से जुड़े हॉर्मोन्स को नियंत्रित करता है और इसी की वजह से वजन बढ़ता या घटता है। ऐसे में वेट गेन या वेट लॉस के साथ आपको ठंड, थकान, ड्राई स्किन और कब्ज की समस्या भी दिखे तो समझ लें कि आपका थायरॉइड ग्लैंड कम हॉर्मोन्स बना रहा है। महिलाओं में मेनॉपॉज से पहले, प्रेग्नेंसी के वक्त और प्रेग्नेंसी के बाद बहुत ज्यादा बाल गिरते हैं। अमेरिकन हेयर लॉस असोसिएशन की मानें तो महिलाओं के शरीर में मौजूद मेल हॉर्मोन टेस्टोस्टेरॉन जब डीएचटी हॉर्मोन के साथ परस्पर क्रिया करता है तो हेयर फॉलिकल्स पर एन्जाइम असर डालता है जिससे हेयर फॉलिकल्स को नुकसान पहुंचता है और हद से ज्यादा बाल गिरने लगते हैं। हॉर्मोनल गड़बड़ी का सबसे बड़ा लक्षण है लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना, खासतौर पर मेनॉपॉज और पोस्ट मेनॉपॉज के स्टेज वाली महिलाओं में। स्ट्रेस हॉर्मोन कॉर्टिसोल का लेवल शरीर में सीधे तौर पर सेरोटोनिन के सीक्रिशन को प्रभावित करता है जो एक हैपी हॉर्मोन है। लिहाजा अगर आपको थकान और कमजोरी के साथ डिप्रेशन और निराशा महसूस हो रही हो तो यह हॉर्मोनल गड़बड़ी का निश्चित संकेत है। अगर आपको रात में सोते वक्त अचानक ऐसा महसूस हो कि आप पसीने से तर-बतर हो गए हैं तो इस स्थिति को नाइट स्वेट कहते हैं। ब्रेन में मौजूद हैपोथैलमस शरीर के तापमान को कंट्रोल करने के लिए जिम्मेदार होता है। साथ ही अगर हॉर्मोन्स की गड़बड़ी की वजह से शरीर में ऐस्ट्रोजेन का लेवल घट जाए तो ये दोनों चीजें मिलकर शरीर में ओवरहीटिंग पैदा करती हैं जिससे हॉट फ्लैश और नाइट स्वेट महसूस होता है। यह भी हॉर्मोनल गड़बड़ी का लक्षण है।

Updated : 3 March 2019 9:07 PM GMT
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