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देर तक सोने से शिशु की मौत का खतरा

देर तक सोने से शिशु की मौत का खतरा
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-गर्भवती महिलाएं न सोए जरुरत से ज्यादा
लंदन: एक ताजे अध्ययन में खुलासा हुआ है कि प्रेग्नेंसी के दौरान अगर गर्भवती स्त्री 9 घंटे से ज्यादा सोती है तो होने वाला बच्चा मृत पैदा हो सकता है। दरअसल, इस स्टडी के माध्यम से बताने की कोशिश की गई है कि सोने के दौरान गर्भवती महिला का ब्लड प्रेशर सबसे निचले स्तर पर पहुंच जाता है जिस वजह से भ्रूण का विकास सही तरीके से नहीं हो पाता है। साथ ही समय से पूर्व बच्चे के जन्म का खतरा रहता है और जन्म के वक्त मृत बच्चे का जन्म यानी स्टील बर्थ का भी खतरा रहता है। यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के अनुसंधानकर्ताओं की एक टीम ने इस स्टडी का नेतृत्व किया। इसमें गर्भवती महिलाओं के सोने की आदतों की जांच की गई। साथ ही यह भी देखा गया कि रात के वक्त बिना एक बार भी जगे लंबे समय तक सोने का भ्रूण की सेहत पर क्या असर पड़ता है। प्रेग्नेंट महिलाएं बीच रात में कई बार जागती हैं। हालांकि अगर गर्भवती महिलाएं गहरी नींद नहीं सो पातीं हैं यानी अगर उनकी नींद रात में बार-बार टूटती है तो इसका भी प्रेग्नेंसी पर बुरा असर पड़ता है। इस स्टडी के लीड ऑथर लुईस ओ ब्रायन ने बताया, हमारी स्टडी के नतीजे इस बात की ओर इशारा करते हैं कि गर्भवती स्त्री की नींद भ्रूण के विकास पर किस तरह का असर डालती है। स्टील बर्थ यानी मृत जन्म के मामले कम करने की कोशिश में जुटी कई स्टडीज इस बात पर फोकस कर सकती हैं कि गर्भवती स्त्री की नींद भी इसमें एक रिस्क फैक्टर हो सकती है। साथ ही इस रोल को बेहतर तरीके से समझकर गर्भवती महिलाओं को सोने के संबंध में सही सलाह दी जा सकती है। इस स्टडी में 153 ऐसी महिलाओं को शामिल किया गया था जिन्होंने प्रेग्नेंसी के 28वें सप्ताह में या उसके बाद यानी मृतजन्म का सामना किया था। इसके अलावा इस स्टडी में 480 ऐसी महिलाओं को भी शामिल किया था जो अपनी प्रेग्नेंसी के तीसरे ट्राइमेस्टर में थीं। यूं तो कहा जाता है प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भवती स्त्री जितना आराम करे, उतना ही उसके लिए और होने वाले बच्चे की सेहत के लिए अच्छा रहता है लेकिन आराम करने का मतलब यह नहीं कि आप ज्यादातर वक्त सोते हुए बिताएं।

Updated : 3 Feb 2019 10:07 PM GMT
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