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कोरोना सुस्त पड़ा लेकिन अब ब्लैक फंगस बना चुनौती

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नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि देश के 28 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से म्यूकरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस के 28 हजार 252 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 86 प्रतिशत पीड़ित कोरोना मरीज थे जबकि 62.3 प्रतिशत मामलों में मरीज मधुमेह से पीड़ित रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान के अनुसार हर्षवर्धन ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कोविड​​​​-19 संबंधी उच्चस्तरीय मंत्रियों के समूह (जीओएम) की 28 वीं बैठक की अध्यक्षता के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में ब्लैक फंगस के सबसे अधिक 6339 मामले सामने आए हैं और उसके बाद गुजरात में 5486 मामले आए हैं। हर्षवर्धन ने कहा कि भारतीय 'सार्स-सीओवी-2 कंसोर्टियम ऑन जीनोमिक्स' प्रयोगशालाएं वायरस के उन स्वरूप पर गौर कर रही हैं जिनमें रोग संचरण को गंभीर रूप से प्रभावित करने की अहम क्षमता है।

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ.वीके पॉल ने सम्मेलन में देश की टीकाकरण की स्थिति, कोविड को लेकर बाल चिकित्सा की तैयारियों और संक्रमण की तीसरी लहर को रोकने के तरीके को लेकर एक संक्षिप्त प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि कोविड टीकों की 23 करोड़ खुराक लगाने में भारत को 141 दिन लगे जो अमेरिका के बाद दुनिया में दूसरे स्थान पर है। अमेरिका को इस स्तर तक पहुंचने में 134 दिन लगे। पॉल ने कहा कि टीका दिए जाने की गति के लिहाज से भारत दुनिया के सबसे तेज़ देशों में से एक है। वैश्विक स्तर पर 88.7 करोड़ लोगों को कम से एक खुराक दी गई हैं और उनमें से 17.9 करोड़ भारत में हैं, जो वैश्विक संख्या का 20.2 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि भारत कोविड के संदर्भ में बाल चिकित्सा के लिए पूरी तरह से तैयार है, लेकिन सावधानी महत्वपूर्ण है।

—ईएमएस

Updated : 8 Jun 2021 6:42 AM GMT
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