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पंतनगर विश्वविद्यालय में ''स्पार्क'' कृषि क्षेत्र में जल संरक्षण एवं भूजल प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

पंतनगर विश्वविद्यालय में स्पार्क कृषि क्षेत्र में जल संरक्षण एवं भूजल प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
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प्रौद्योगिक महाविद्यालय, गोविन्द बल्लभ पंत कृशि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में आई0आई0टी0 खडकपुर, वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी, आस्ट्रेलिया, सरदार बल्लभ भाई पटेल, एन0आई0टी0 सूरत, यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्कोनसिंन, मेडिसन, यू0एस0ए0 एवं क्यूसलेंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलाॅजी, आस्ट्रेलिया के सहयोग से संचालित स्पार्क परियोजना के अंतर्गत कृषि क्षेत्र में जल संरक्षण एवं समग्र तकनीकी प्रयोगों से भूजल प्रबंधन विषय पर आज दिनांक 20 जनवरी, 2020 को एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का आरंभ किया गया।

कार्यशाला का उद्घाटन समारोह विश्वविद्यालय के कुलपति डा0 तेज प्रताप की गरिमामई उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। समारोह में अधिश्ठाता प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय डा0 जे0पी0पाण्डेय, प्रौ0 बसंत माहेश्वरी, वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी आस्ट्रेलिया, प्रौ0 डी0आर0 मालियप्पली, आई0आई0टी0 खडकपुर, प्रौ0 राजेन्दर सिंह आई0आई0टी0 खडकपुर, डा0 एस0 चक्रवर्ती आई0आई0टी खडकपुर, डा0 जयन्तीलाल एन0 पटेल एन0आई0टी0 सूरत के साथ-साथ विभागाध्यक्ष सिविल इंजीनियरिंग डा0 एस0एस0गुप्ता, विभागाध्यक्ष, इलेक्ट्रिाॅनिक्स एण्ड कम्यूनिकेषन इंजीनियरिंग डा0 आर0पी0एस0गंगवार, विभागाध्यक्ष इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग डा0 सुधा आरोरा के साथ ही परियोजना के सह-संयोजक डा0 एच0जे0शिवा प्रसाद, प्राध्यापक, सिविल इंजीनियंरिग डा0 रवि सक्सेना, सह प्राध्यापक, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग उपस्थित रहे।

कुलपति जी द्वारा अपने अध्यक्षीय संबोधन में उपस्थित प्रतिभागियों एवं ''स्पार्क'' परियोजना के भारतीय एवं विदेशी सहयोगियों को कार्यशाला के विषय के महत्व को इंगित करते हुए पर्वतीय क्षेत्रों के भौगोलिक परिदृश्य के अनुरूप भविष्य की परियोजनाएं तैयार किए जाने, कृषि कार्यों में जल संरक्षण की तकनीकों पर कार्य करने, भू-जल के उचित एवं व्यवस्थित संरक्षण हेतु तकनीकों के समग्र प्रयोग से भूजल प्रबंधन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार किए जाने पर जोर दिया गया।

कुलपति जी द्वारा इस कार्य हेतु कार्यक्रम में उपस्थित भारतीय एवं विदेशी सहयोगियों के प्रयासों की प्रसंषा करते हुए जल एवं भू-जल संरक्षण को भविश्य के लिए एक वैश्विक आवश्यकता बताते हुए सम्मिलित प्रयासों पर बल दिया गया।

कुलपति जी द्वारा यह आशा व्यक्त की गई कि इस कार्यशाला का लाभ विशेष रूप से उत्तराखण्ड राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा।

कार्यशाला में प्रौ0 माहेश्वरी ने ''मारवी'' ;ड।त्ट।द्ध परियोजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी साथ ही कार्यशाला में उपरोक्त विशय पर उत्तराखण्ड के साथ ही साथ गुजरात एवं महाराष्ट्र राज्य में किए जा रहे शोध कार्यों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

Updated : 21 Jan 2020 8:30 AM GMT
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