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सीएम के सख्त रवैये से जेल से बाहर बाकी अधिकारी-कर्मचारियों में खौफ पसरा

सीएम के सख्त रवैये से जेल से बाहर बाकी अधिकारी-कर्मचारियों में खौफ पसरा
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-महाघोटाले का रूप लेते हुए 300 करोड़ तक पहुंचा एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाला
-पूर्व डीएम और सीनियर आईएएस डा. पंकज पांडेय ने अग्रिम जमानत के लिए हाई कोर्ट में दी अर्जी
रुद्रपुर: एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच की आंच में आए उधमसिंह नगर के दो पूर्व डीएम डा. पंकज पांडेय और चंद्रेश यादव की मुश्किलें कम होती नहीं दिखाई दे रही हैं। इसी के चलते पूर्व डीएम और सीनियर आईएएस डा. पंकज पांडेय ने आज अपने वकील के माध्यम से अपनी गिरफ्तारी पर स्टे के लिए अग्रिम जमानत अर्जी नैनीताल हाईकोर्ट में दाखिल कर दी है। इस पर कल सुनवाई होगी। बता दें कि एसआईटी की जांच में अब तक जहां छह पीसीएस सहित एक दर्जन से अधिक राजस्व कर्मचारी एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में लिप्त पाए जाने पर वह जेल में हैं वहीं कई किसान और बिल्डर्स भी जेल में बंद हैं। इसी जांच की आंच में उधमसिंह नगर जिले के दो पूर्व डीएम और तत्कालीन आर्बिटेटर डा. पंकज कुमार पांडेय और चंद्रेश यादव फंसे हुए हैं। दोनों अधिकारियों ने एसआईटी की जांच से निकलने के लिए जब उनका नाम उजागर हुआ तो सुप्रीम कोर्ट की भी रायसुमारी ली गई, लेकिन इसमें राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सख्त रवैये के चलते अब दोनों अधिकारियों की भी बेचैनी बढ़ गई है। यही कारण है कि पूर्व डीएम डा. पंकज पांडेय ने भी अब हाईकोर्ट की शरण लेनी शुरू कर दी है। हालांकि अभी एसआईटी की तरफ से सिर्फ दोनों अधिकारियों के बयान लिए गए हैं लेकिन अभी घोटाले में मुकदमा दर्ज नहीं है फिर भी डा. पांडेय ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इससे यह तो स्पष्ट हो गया है कि आईएएस अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बता दें कि तत्कालीन कुमाऊं कमिश्नर डी सेंथिल पांडियन की जांच में एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले का खुलासा हुआ था उस समय यह घोटाला मात्र 180 करोड़ का पाया गया, लेकिन जब इसकी सरकार द्वारा एसआईटी जांच की गई तो अब तक यह घोटाला महाघोटाले का रूप लेते हुए 300 करोड़ तक पहुंच चुका है।

Updated : 26 Sep 2018 8:55 PM GMT
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