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बहादराबादः श्रद्धा के साथ मनाया गया वट सावित्री व्रत

बहादराबादः श्रद्धा के साथ मनाया गया वट सावित्री व्रत
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बहादराबाद (दैनिक हाक): पूरे ग्रामीण क्षेत्र में आज वट सावित्री व्रत परम्परिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सोभाग्यवती महिलाओं ने व्रत रख कर वट के पेड़ की पूजा की और सुहाग की लम्बी आयु का वरदान भगवान से माँगा। आज जेष्ट माह की अमावस्या को भारतीय सुहागिन महिलाए व्रत रख कर भगवान यमराज से अपने सुहाग की रक्षा और लम्बी उम्र का वरदान मांगती हैं, मान्यता है कि इसी दिन सावित्री ने यमराज को अपने पति सत्यवान को जीवन दान देने पर विवश किया था। इस दिन वट के वृक्ष कि पूजा का विधान है। भारतीय में वट एवं पीपल के वृक्षों को भगवान का दर्जा प्राप्त है, वट एवं पीपल के पेड़ एक और तो पर्यावरण को शुद्ध रखने में समर्थ हैं वहीं इनको पूज कर महिलाए पेड़ों को काटने से बचाने का भी सन्देश देती हैं।

माना जाता है कि दोनों पेड़ लगातार अक्सिजन उत्सर्जित करते हैं जो जोवों की प्राण वायु है, जिसके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। दोनों ही हमारे जीवन की रक्षा करने का कारण हैं। इसी कारण धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से आज के पर्व का भारतीय संस्कृति में बड़ा महत्व है। इसी महत्व के कारण वट एवं पीपल की पूजा हमारे रीति-रिवाजों का एक हिस्सा माना गया है। लगातार काटे जा रहे पेड़ों से जो जीवनदानी प्राण वायु का आभाव हाल ही में कोरोना वायरस में अक्सीजन की कमी से लोगों की मृत्यु का कारण बना। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बरगद के पेड़, पीपल के पेड़ बड़ी संख्या में मिलते थे आज उनका मिलना बड़ी समस्या बन गया है यही कारण है कि महिलाओं को आज वट वृक्ष के स्थान पर उस वृक्ष की एक टहनी को ही प्रतीकात्मक रूप से वृक्ष मन कर पूजा करनी पड़ी।

आज ही कर्मफल प्रदाता भगवान शनि देव की जयंती भी मनाई गई। घर-घर में भगवान शनिदेव की विशेष पूजा की गई और उनसे रक्षा की अपेक्षा की गई। शनि देव भगवान सूर्य के पुत्र हैं जिनका आपस में दुश्मनी का रिश्ता है आज सूर्य ग्रहण होने के कारण भगवान सूर्य नारायण के ग्रहण से उन्हें होने वाले कष्ट के निवारण हेतु दान, पूजा, कर उपासना की गई।

Updated : 10 Jun 2021 6:53 PM GMT
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