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जिला अस्पताल में उपचार के लिए भटक रहे हैं मरीज

जिला अस्पताल में उपचार के लिए भटक रहे हैं मरीज
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एनजीओ स्टार इमेजिंग ने एंटिजन टेस्टिंग की संख्या घटाई

मरीजों को नहीं मिल रही आरटीपीसीआर टेस्टिंग की रिपोर्ट

रिपोर्ट न मिलने पर स्टॉफ को झेलना पड़ रहा है लोगों का गुस्सा

हरिद्वार (दैनिक हाक): मेला और जिला अस्पताल में कोरोना टेस्टिंग को लेकर मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। दोनों अस्पतालों में टेस्टिंग का जिम्मा एनजीओ को सौपा गया है। जोकि वह अपनी मनमर्जी से काम कर रहे हैं जिसका खामियाजा वहां के चिकित्सकों व स्टॉफ को भुगतना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में मरीजों की एंटिजन टेस्टिंग की संख्या कम कर देने से और मेला अस्पताल में आरटीपीसीआर टेस्टिंग की रिपोर्ट एनजीओ द्वारा उपलब्ध न कराने पर लोगों का गुस्सा चिकित्सकों व स्टॉफ को झेलना पड़ रहा है। अगर मेला अस्पताल की बात करे तो कोविड-19 सेंटर होने के कारण वहां तैनात चिकित्सक व स्टॉफ मानसिक दबाव मे काम करने के लिए मजबूर देखे जा रहे है। बताते चले कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में जनपद हरिद्वार में कोरोना संक्रमण के बढती संख्या ने सभी को हैरान व परेशान कर दिया है। कोरोना मरीजाें को बैड, ऑक्सीजन और वैंटीलेटर के लिए एक के बाद एक अस्पतालाें में दौड़ लगानी पड़ रही है। वहीं जिला अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों को भी भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की ओर से कोरोना संक्रमण फैलाने से रोकने के लिए एंटिजन टेस्ट के बाद अस्पताल के भीतर प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।

बताया जा रहा है कि शासन की ओर से एक एनजीओ स्टार इमेजिंग को एंटिजन टेस्टिंग का जिम्मा सौपा गया है। जोकि अस्पातल के परिसर पर एंटिजन टेस्टिंग करने में जुटी हैं लेकिन बीते रोज से एनजीओ ने अपने टेस्टिंग की संख्या में कमी कर दी गयी है। जोकि पहले दो सौ से लेकर ढाई हजार टेस्टिंग करती थी अब वह केवल 50 मरीजों की ही टेस्टिंग कर रही है। जिससे उपचार के लिए पहुंच रहे मरीजों का एंटिजन न हो पाने पर उनको अस्पताल में प्रवेश नहीं मिल रहा है। ऐसे मरीजों का दबाब चिकित्सकों व स्टॉफ पर लगातार बना हुआ है। वहीं मेला अस्पताल में भी आरटीपीसीआर टेस्टिंग का जिम्मा सीएमओ हरिद्वार कार्यालय की ओर से डीएनए नाम की एनजीओ को सौपा गया है। जिसने पिछले करीब एक सप्ताह से टेस्टिंग करने की कमान सम्भाल ली है। मगर जिन लोगों की टेस्टिंग की जा रही हैं उनकी रिपोर्ट नहीं दी जा रही है। जिसकारण अपना आरटीपीसीआर करने वालीे लोग रोजना मेला अस्पताल पहुंचकर अपनी रिपोर्ट की मांग कर रहे है। लेकिन उनको रिपोर्टं के सम्बंध में कोई सकारात्मक जबाब नहीं मिल पाने पर उनके गुस्से का शिकार वहां तैनात चिकित्सकों व स्टॉफ को होना पड़ रहा है। सूत्रें के अनुसार वहां तैनात एक चिकित्सक ने आरटीपीसीआर करने वाले एनजीओ अधिकारी से वहां हो रही टेस्टिंग रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा तो एनजीओ अधिकारी ने दो टूक जबाब देते हुए बोल दिया कि इस सम्बंध में उनसे बात न की जाए। उसके लिए उनके अधिकारियों से बात करे। उनकी एनजीओ खुद नहीं आयी उनको एसीएमओ ने बुलाया है, उन्हीं से बात करे। जब चिकित्सक ने कहा कि जिन लोगों की टेस्टिंग हुई हैं वह लोग वहां पहुंचकर उनसे रिपोर्ट की मांग कर रहे हैं और उनके साथ झगड रहे है। जिसपर एनजीओ अधिकारी कोई जबाब दिये बिना ही वहां से चला गया। अब आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि मेला अस्पताल यानि कोविड-19 सेंटर के चिकित्सक व स्टॉफ किन परिस्थितियों में अपनी ड्यूटी निभा रहे है। जिला व मेला अस्पताल का कार्यभार सम्भाल रहे डॉ- चंदन मिश्रा ने बताया कि जिला अस्पताल ने एंटिजन टेस्टिंग करने की संख्या मे कमी कर दी है। जिससे वहां पहुंचने वाले मरीजों को समुचित उपचार मिलने में परेशानी पैदा हो रही है। वहीं मेला अस्पताल में भी एनजीओ द्वारा की जा रही आरटीपीसीआर टेसि्ंटग की रिपोर्ट उपलब्ध न कराने पर टेस्टिंग की रिपोर्ट लेने पहुंचने वाले लोगों का गुस्सा चिकित्सकों व स्टॉफ को झेलना पड़ रहा है।

Updated : 4 May 2021 5:23 PM GMT
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