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वाइल्‍ड पोलियो से मुक्‍त हुआ अफ्रीका, अब पाकिस्‍तान और अफगानिस्‍तान में ही बची है यह बीमारी

वाइल्‍ड पोलियो से मुक्‍त हुआ अफ्रीका, अब पाकिस्‍तान और अफगानिस्‍तान में ही बची है यह बीमारी
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नैरोबी: कोरोना संकट में दुनिया के लिए एक अच्‍छी खबर है। अफ्रीका महाद्वीप को वाइल्‍ड पोलियो बीमारी से मंगलवार को पूरी तरह से मुक्‍त घोषित कर दिया गया। इसकी घोषणा स्‍वतंत्र एजेंसी अफ्रीका रीजनल सर्टिफिकेशन कमीशन ने की है। इससे पहले विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के अफ्रीका महाद्वीप के सभी 47 देशों के साथ वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग से बैठक की थी।

अफ्रीका में वाइल्‍ड पोलियो का अंतिम मामला 4 साल पहले उत्‍तर पूर्वी नाइजीरिया में आया था। डब्ल्यूएचओ ने इससे पहले बयान जारी कर कहा था अफ्रीकी महाद्वीप की सरकारों के अथक प्रयासों, दानदाताओं, अग्रिम पंक्ति के स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ताओं और समुदायों की मदद से 18 लाख बच्‍चों को जीवनभर विकलांगता से बचा लिया। उल्लेखनीय है कि पोलियो से 5 साल तक के बच्‍चों को विकलांग होने का खतरा रहता है।

कई बार तो वाइल्‍ड पोलियो से बच्‍चों की जान चली जाती है। करीब 25 साल पहले अफ्रीका में हजारों बच्‍चे वाइल्‍ड पोलियो की वजह से विकलांग हो गए थे। अब यह बीमारी केवल अफगानिस्‍तान और पाकिस्‍तान में पाई जाती है। इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है लेकिन पोलियो का टीका आजीवन इंसान की रक्षा करता है। अफ्रीका में नाइजीरिया अंतिम देश है जिसे पोलियो से मुक्‍त घोषित किया गया है।

करीब एक दशक पहले नाइजीरिया में ही दुनिया के आधे पोलियो के मामले पाए जाते थे। नाइजीरिया में टीकाकरण का अभियान बड़े पैमाने पर चलाया गया और इसके तहत दूर-दूर तक तथा खतरनाक इलाकों तक हेल्‍थ वर्कर गए। इनमें कई स्‍थान ऐसे थे जहां आतंकी हिंसा होती रहती थी और जान का खतरा बना रहता था। इस दौरान कई हेल्‍थ वर्कर मारे भी गए। अफ्रीका की करीब 95 फीसदी जनता अ‍ब वाइल्‍ड पोलियो के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता से युक्‍त हो चुकी है।



Updated : 26 Aug 2020 11:07 PM GMT
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