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हॉर्मोनल बदलाव के कारण आपकी नहीं सुनते बच्चे

हॉर्मोनल बदलाव के कारण आपकी नहीं सुनते बच्चे

-बच्चे का मन ना तो एकाग्र और ना शांत

लंदन: हम सभी जानते हैं कि टीनऐज में बॉडी में हॉर्मोनल बदलाव बहुत तेजी से होते हैं। ऐसे में बच्चों का मन ना तो बहुत देर तक शांत रहता है और साथ ही उन्हें मन एकाग्र करने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह तो हुई शारीरिक बदलाव की बात, जिस कारण मन भी परेशान रहता है। अब बात करते हैं समाज की। दरअसल, यही वह उम्र होती है, जब बच्चा बाहर की दुनिया से जुड़ना और वहां अपनी जगह बनाना शुरू कर रहा होता है। ऐसे में उसे कई तरह के भावनात्मक उतार-चढ़ाव से गुजरना होता है और इस वक्त उसे आपके इमोशनल सपॉर्ट की बहुत जरूरत होती है। हम आपसे बिल्कुल नहीं कहेंगे कि आप बच्चे से दोस्त की तरह व्यवहार करें। क्योंकि अगर पैरंट्स भी फ्रेड का रोल प्ले करेंगे तो फिर पैरंट्स का रोल बच्चों की लाइफ में कौन प्ले करेगा? यह बात कुछ लोगों को अजीब लग सकती है। लेकिन आप खुद गौर करके देखिए। आपको अपने टीनेजर को भावनात्मक रूप से उस कंफर्ट लेवल पर लाना है, जहां वह अपनी हर बात आपके साथ शेयर कर सके। आपकी बातों पर भरोसा करे और उसके अंदर आत्मविश्वास की वृद्धि हो। आप बच्चे को जो भी संस्कार देना चाहते हैं, उन्हें सिर्फ बच्चे को ऐसे ही ना बताएं बल्कि उन संस्कारों को अपने जीवन में भी उतारें। बच्चों के साथ परिवार और करियर के मुद्दों पर बात करें। घर की आर्थिक स्थिति, पारिवारिक रिश्तों पर बात करें। इससे बच्चे की सोच-समझ विकसित होती है और उसमें घर के प्रति जिम्मेदारी का भाव आता है। अगर आपके घर में टीनेजर बच्चा है और आप उसकी इस बात से परेशान हैं कि लाख समझाने के बाद भी वह आपकी बात नहीं मानता है तो ऐसा सिर्फ आपके साथ नहीं है। आपको यह सोचकर सबसे पहले खुद को समझाना होगा कि टीनेजर बच्चों को ना तो आप बच्चे की तरह डील कर सकते हैं और ना ही अडल्ट्स की तरह। इन्हें कोई भी बात समझाने के लिए आपको बीच का रास्ता निकालना होगा।


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