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लॉक डाउन के मद्देनजर सब्जी विक्रेताओं की हो रही है बल्ले-बल्ले

लॉक डाउन के मद्देनजर सब्जी विक्रेताओं की हो रही है बल्ले-बल्ले

-सब्जी विक्रेताओं ने ग्राहकों से की जमकर लूट

सहारनपुर /गागलहेड़ी (दैनिक हाक):लॉक डाउन के मद्देनजर सब्जी बेचने वालों की बल्ले-बल्ले हो गयी है। लॉक डाउन का फायदा उठाकर सब्जी बेचने वाले दुकान जमकर ग्राहकों को लूटने का काम कर रहे है और ऊंचे दामों पर सब्जियां बेचकर लॉक डाउन की धज्जियां उड़ा रहे है।

बता दें कि 22 मार्च को प्रधानमंत्री द्वारा जनता कफ्र्यू का आहवान किया गया था और जनता ने इसका कड़ाई से पालन भी किया। लेकिन इस एक दिन के जनता कफ्र्यू के बाद अब लॉक डाउन में सब्जी के दाम आसमान छू रहे हैं। गागलहेडी की जनता बढ़ते दामों से त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रही है, जहां पूरे विश्व मेंं कोरोना वायरस से हाहाकार मचा है। वहीं अब गागलहेडी में भी सब्जी के बढ़ते दामों से हाहाकार मच गया है। इस महंगाई ने गागलहेडी क्षेत्र की जनता की कमर तोड़ कर रख दी है। अब देखना होगा कि इन बढ़ते दामों पर शासन-प्रशासन अंकुश लगा पाएगा या नहीं यह तो आने वाले भविष्य के गर्भ में छिपा है। ऐसे ब्लैक मार्केटिग कराने वाले व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कब हो पाएगी, यह कोई नहीं जानता। स्थानीय निवासियों का यह कहना है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा 25 मार्च तक लॉक डाउन किया गया है। लेकिन जब एक दिन बंद होने से महंगाई इतनी चरम सीमा पर पहुंच गई है, तो दस दिन में महंगाई कहां तक पहुंच जाएगी, इसका अनुमान सहजता से लगाया जा सकता है। जब इस मामलें में उप जिलाधिकारी सदर अनिल कुमार सिंह से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि सभी व्यापारियों से कहा गया है कि वह अपनी दुकानों पर सभी सब्जियों के रेट लिस्ट चस्पा करे। अगर ऐसा नहीं किया गया और ब्लैक मार्केटिंग की गई, तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए चल रहे लॉक डाउन का अब सब्जी बेचने वाले पूरा लाभ उठाने लगे है और निर्धारित मूल्यो से सब्जी को दोगुना दाम से बेच कालाबाजारी कर रहे है।

संक्रमण की रोकथाम के लिए शासन के निर्देशानुसार 25 मार्च तक लॉक डाउन की घोषणा की है। हालांकि मुख्यमंत्री ने इस लॉक डाउन को 27 मार्च तक बढ़ा दिया है और संकेत दिये है कि यह कफ्र्यू में भी बदल सकता है। उधर, इस मौके का फायदा उठाते हुए कुछ सब्जी वाले कालाबाजारी के काम में लग गये है और संकट की घड़ी में भी वह कालाबाजारी करने से नहीं चूक रहे है। बताया जाता है कि मण्डी में आलू, मटर व अन्य सब्जियों के दाम निर्धारित है, लेकिन उसके बावजूद भी गली मौहल्लों में सब्जी बेचने वाले दुकानदार दोगुने दामों पर सब्जी बेचने का काम कर रहे है। सब्जी विक्रेता आलू 2०० रुपये धड़ी बेच रहे है। मटर 4० से 6०, टमाटर 5० रुपये और गोभी 4० रुपये, कद्दू 4० रूपये किलो बेच रहे है। भिंडी 8० रूपये किलो, लौकी 4० रूपये किलो, करेला 12० रूपये किलो सहित अन्य सब्जियों को दोगुने दामों पर बेचा जा रहा है। जिसको लेकर गरीब परिवार के समक्ष रोजी रोटी का संकट आन पड़ा है।


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