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किसान विरोधी नीतियों को वापस ले व गन्ना मूल्य भुगतान तुरन्त करे सरकारः हरीश रावत

पूर्व मुख्यमंत्री ने किसानों की समस्याओं को लेकर उत्तराखण्ड मुख्यमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा

बहादराबाद (दैनिक हाक): किसान विरोधी नीतियों को वापस लेने व विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे किसानों को निजात दिलाने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आज एक ज्ञापन मुख्यमंत्री उत्तराखंड के नाम जिलाधिकारी हरिद्वार को सौंपा। किसानों की पांच समस्याओं को जल्द पूरा कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि गन्ना सत्र आधे से अधिक बीत चुका है लेकिन अभी तक गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया गया है। गन्ना खरीद मूल्य में आवश्यक वृद्धि कर खरीद मूल्य घोषित किया जाए। धनश्री एग्रो लिमिटेड इकबालपुर पिछला बकाया 2017-18, 2018-2019 का गन्ना भुगतान को लेकर दिए गए माननीय हाईकोर्ट के आदेशानुसार चीनी बिक्री में तिर्वता लाई जाए ताकि किसानों को जो पैसा लगभग 218 करोड रुपया चीनी मिल पर बकाया है उसका अविलंब भुगतान हो सके। किसानों के धन का सरकार पर सैंकड़ों करोड़ रूपया बाकी है उसका अविलंब भुगतान किया जाए, किसानों का सत्र 2020-21 का गन्ना भुगतान माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार 15 दिनों के अंतराल किया जाए, गन्ने की पेराई क्षमता बढ़ाई जाए।

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने डबल इंजन की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा डबल इंजन की सरकार आज फेल होती दिखाई दे रही है जो कि सरकार ने चुनाव से पहले जनता के लिए वादे किए थे वो सभी वादे आज हवा हवाई होते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो काला कृृषि कानून बिल किसानों पर सरकार ने थोपा है उसे जल्द वापस लिया जाये ओर सभी गन्ना मिल किसानों का गन्ना भुगतान तुरन्त करें। यदि सरकार गन्ना मिलों द्वारा किसानों का भुगतान 15 दिनों के भीतर नही करती है तो किसान संगठन झबरेड़ा से बुग्गी-झोटा की रैली व लक्सर से पदयात्रा किसान संगठन किसानों के लिए निकलेगा और ये रैली किसानों को समर्थन कर दिल्ली तक पहुंचेगी, जो किसान विरोधी बिलों को वापस कर ही दम लेगी। वहीं उन्होंने कहा कि हरिद्वार धर्म नगरी में महाकुंभ को लेकर सरकार जो कोरोना की आड़ में लचीले कार्य कर रही है वो सभी अधर में लटके हुए हैं। वहीं फंड को लेकर सरकार ने जो खर्च और राज्यों में किए हैं तो उनकी अपेक्षा उत्तराखंड राज्य में एक चैथाई हिस्सा भी धर्म नगरी हरिद्वार में नहीं किये हंै सरकार द्वारा किये गये महाकुंभ को लेकर सभी दावे हवा हवाई होते दिखाई दे रहे हैं।

ज्ञापन देने वालों में विधायक काजी निजामुद्दीन, विधायक ममता राकेश,विधायक हाजी, राव अफाक, अभिषेक राकेश, सुनील राठी, रिजवान खान, निजाम खान, दिलशाद खान, अमन कुमार, राजवीर चैहान आदि शामिल रहे।


Updated : 17 Jan 2021 10:09 PM GMT
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