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प्रदूषण से जीना हुआ बेहाल, लोगों ने लगाई उपजिलाधिकारी से गुहार

प्रदूषण से जीना हुआ बेहाल, लोगों ने लगाई उपजिलाधिकारी से गुहार

लक्सर (दैनिक हाक) सुल्तानपुर गांव में इन दिनों प्रदूषण अपनी चरम सीमा पर है l प्रदूषण से गांव वालों का जीना दुश्वार हो गया है l उल्लेखनीय है कि लक्सर के सटे कस्बे सुल्तानपुर में सैकड़ों की तादाद में गन्ना चरखी हर वर्ष लगाई जाती है, जिनमें क्षेत्र में होने वाले गन्ने को इन छोटी गन्ने की चरखी ओ में गन्ने से रस निकालकर गुड वह गुड़ की खांड बनाई जाती है जिसके लिए इन छोटी चरखीयो में गन्ने के रस को पकाने के लिए चरखीयो में मैं बड़ी-बड़ी आग की भट्टी होती है जिनमें गन्ने की खोई का प्रयोग किया जाता है लेकिन इन दिनों सुल्तानपुर में चर्खियों मैं रस पकाने के लिए बड़ी मात्रा में प्लास्टिक एवं अन्य सामान जलाया जा रहा है जिससे कि सुल्तानपुर का वातावरण दूषित हो रहा है l चूंकि प्लास्टिक रूपी ईंधन इन छोटी गन्ना चर्खियों को सस्ते रेट पर मिल जाता है जिसे यह चरखी वाले ईंधन के रूप में प्रयोग करते हैं l लेकिन अपने लालच में अंधे चरखी वाले एक छोटी सी बात यह नहीं समझ पाते हैं कि जो पन्नी का प्रयोग राज्य सरकार ने पूर्ण रूप से प्रतिबन्धित कर दिया है उस पन्नी को यह चरखी में जलाकर वातावरण को दूषित कर रहे हैं l ऐसा नहीं है कि इन चरखी स्वामियों पर प्रदूषण नियंत्रण विभाग की निगाहें ना हो लेकिन इन निगाहों के ऊपर चांदी की मोटी परत का चश्मा इन चरखी स्वामियों द्वारा चढ़ा दिया जाता है जिससे कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को सुल्तानपुर के अंदर कहीं पर भी प्रदूषण नजर नहीं आता है, जबकि गन्ना चरखी कोई छोटी मोटी चरखी नहीं होती है जिसे कि आदमी एक कोने में लगाकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगाहों में धूल डाल सके l सभी अधिकारियों को इन चर्खियों के आसपास पन्नी, कटे हुए टायर के टुकड़े, रबड़ आदि हमेशा दिखाई दे सकते हैं, लेकिन प्रदूषण विभाग इन चरखी वालों के ऊपर कभी कोई कार्रवाई नहीं करता है l चूंकि इन चरखी वालों का सीजन लगभग 5 माह का होता है उसके बाद चरखी मालिक अपनी चरखी बंद कर देते हैं इसीलिए प्रदूषण विभाग के अधिकारी भी अपनी आंखों के ऊपर चांदी का चश्मा लगा लेते हैं l लेकिन इन चर्खियों की चिमनी से निकलने वाला घातक धुआं सुल्तानपुर वासियों को परेशान किए हुए है l छोटे-छोटे बच्चे दिन भर इसे पीने को मज़बूर हैं, बुजुर्ग लोगों को सांस लेने में परेशानी होती है और सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को होती है जो लोग डबल स्टोरी पर निवास करते हैं क्योंकि चरखी से निकलने वाला धुआं ऊपर की ओर जाता है और जब यह धुआ ऊपर जाकर फैलता है तो डबल स्टोरी में निवास करने वाले निवासियों को उस समय नरक का माहौल जैसा महसूस देता है l पेशे से वकील जावेद अली ने उप जिलाधिकारी लक्सर से मांग की है कि सुल्तानपुर में संचालित हो रही चर्खियों पर तुरंत कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें जिससे कि जनसामान्य स्वच्छ हवा में अपना जीवन यापन कर सकें l वहीं उप जिलाधिकारी लक्सर पूरन सिंह राणा ने बताया कि गन्ना चर्खियों पर गन्ने की खोई के अलावा कोई अन्य ईंधन का विकल्प अगर इस्तेमाल किया जा रहा है तो इन चरखी वालों के ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और ऐसी चर्खियों को सील कर दिया जाएगा l

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